एस एच ओ जालंधर कैंट हरभजन सिंह को एक सूचना दी गई की जालंधर कैंट क्षेत्र के मोहल्ला न. 0 मे कथित आर के चिट्टा बेचने की खबर आ रही है उसके घर के पास की वीडियो भी भेजी जिस्से पुलिस को क्षेत्र और घर आसानी से मिल सके लेकिन जब पुलिस में हरभजन जैसे लोग हों तो क्या कहना उसके पिता का नाम और पता पुछने लगे विजिलेंस को ऐसे पुलिस वालो की जांच करनी चाहिए की क्या संबंध है इनका चिट्ठा बेचने वालों के साथ ? एक तरफ सरकार कह रही है कि ड्रग्स वालो को खोद कर निकालेंगे दूसरी तरफ पुलिस का ये खेल शुक्र है पुलिस ने ड्रग्स बेचने वालो का आधार कार्ड नहीं माँगा !








