चंडीगढ़: 4, फरवरी (डीडी न्यूजपेपर ), भारतीय जनता पार्टी पंजाब के प्रदेश महासचिव बिक्रमजीत सिंह चीमा ने पंजाब की आम आदमी पार्टी की सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि भगवंत मान सरकार ने महिलाओं को प्रति महिला 1,000 रुपए प्रति महीना देने का वादा किया था, जिसे पूरा करना तो दूर, उल्टा पंजाब सरकार द्वारा राज्य की बेटियों को ‘शगुन स्कीम’ (आशीर्वाद योजना) के तहत मिलने वाली 51,000 रुपए की राशि भी सत्ता संभालते ही बंद कर दी। जो कि पंजाब की बेटियों तथा राज्य की जनता से बहुत बड़ा धोखा है।
बिक्रमजीत सिंह चीमा ने कहा कि फरवरी, 2022 तक तो पंजाब की बेटियों को शगुन स्कीम का लाभ मिला परंतु जब से ‘आप’ की मान सरकार ने पंजाब की सत्ता संभाली है, उस समय से पंजाब की बेटियां अपनी शगुन स्कीम की राशि को तरस रहीं है, जो करोड़ों रुपए में बनती है। आकड़ो के अनुसार राज्य के हर जिले में हर माह समाज भलाई विभाग के पास शगुन योजना का लाभ लेने वालों की 150 से 200 दर्खास्त पहुंच रही हैं, जिसके चलते हर जिले की शगुन स्कीम की दी जाने वाली मासिक राशि ही करोड़ों रुपए बनती है। जबकि पंजाब सरकार द्वारा अपने पास पिछले 10 माह से रजिस्टर्ड हज़ारों दर्खास्तों की पिछले लगभग 10 माह से ही करोड़ों रुपए बनती राशि रोकी हुई है। हर जिले में हजारों फाईलें पिछले करीब एक वर्ष से सरकारी टेबलों पर धुल फांक रही हैं।
बिक्रमजीत सिंह चीमा ने कहा कि विधानसभा चुनाव में भगवंत मान, अरविन्द केजरीवाल तथा इनके नेताओं ने पंजाब की 18 वर्ष से ऊपर की सभी महिलाओं से 1,000 रुपए महीना प्रति महिला, बसों में महिलाओं को मुफ्त यात्रा आदि जैसे कई लुभावने वादे कर उनकी वोट हासिल की, लेकिन सत्ता में आते ही सबकुछ गायब हो गया। 1000 रुपए देना तो दूर पिछले लगभग 10 वर्षों से भी अधिक से बेटियों के चली आ रही शगुन स्कीम की वित्तीय सहायता भी बंद कर दी। इस योजना से अनुसूचित जाति, पिछड़ी श्रेणियों व आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों को बेटियों की शादी में होने वाले आर्थिक खर्च में बहुत सहायता मिलती थी, लेकिन सत्ता संभालने बाद से इस स्कीम को बंद किए जाने से आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को भारी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। चीमा ने भगवंत मान सरकार से शगुन स्कीम की रोकी गई राशि का तुरंत जारी करने मांग की।







