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अश्वनी शर्मा ने पंजाब की बदतर कानून-व्यवस्था पर चर्चा को लेकर आल पार्टी मीटिंग बुलाने के लिए मुख्यमंत्री भगवंत मान को लिखा पत्र।

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चंडीगढ़: 6, मार्च (डीडी न्यूजपेपर ), भारतीय जनता पार्टी पंजाब के प्रदेश अध्यक्ष अश्वनी शर्मा ने पंजाब में निरंतर खराब हो रही कानून-व्यवस्था के हालातों पर चर्चा को लेकर मुख्यमंत्री भगवंत मान को आल पार्टी मीटिंग बुलाने के लिए पत्र लिख कर मांग की है। शर्मा ने कहा कि राज्य में रोजाना हो रही हत्याओं, फिरुती की घटनाओं और ना देने पर हत्या किया जाना, पुलिस की नाक के नीचे डकैतियाँ, पुलिस थानों पर कब्जे आदि की घटनाओं से पंजाब की जनता दहशत में है।

अश्वनी शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान जी आप राज्य के मुख्यमंत्री हैं और राज्य में कानून-व्यस्व्था तथा शांति भाल करना आपका प्रथम कर्तव्य है। पंजाब में पिछले कई महीनों से रोजाना हत्याएं, डकैतीयां, रंगदारी और लूटपाट की खबरें आ रही हैं। मशहूर गायक सिद्धू मूसेवाला, कबड्डी खिलाड़ी संदीप सिंह नंगल अंबियां, शिवसेना नेता सुधीर सूरी, नकोदर के कपड़ा व्यापारी सहित सैकड़ों पंजाबी अब तक अपनी जान गंवा चुके हैं। जेलों में भी गैंगस्टर आपस में जानलेवा लड़ाईयाँ लड़ रहे हैं। हालात इतने खराब हैं कि पंजाब पुलिस के कार्यालयों पर आर.पी. जी. हमले हो रहे हैं। राज्य में अलगाववादी ताकतें सिर उठा रही हैं, कई जगहों पर खुलेआम और निरंतर अलगाववादी नारे लिखने, भड़काऊ भाषण देने जैसी घटनाएं हो रही हैं. ऐसे में मुख्यमंत्री और गृहमंत्री के रूप में आपकी चुप्पी बहुत पीड़ादायक है और कई सवाल खड़े करती है कि क्यों? राज्य की जनता इसका संताप क्यूँ भुगते?

अश्वनी शर्मा ने कहा कि भगवंत मान साहब आपने पंजाब का काला दौर देखा है। आज फिर से आप पंजाब को उसी अंधेरे काले दौर की तरफ लेजाते हुए नजर आ रहे हैं। अमृतसर जिले के अजनाला थाना पर कब्जे की हुई घटना ने पंजाबियों के साथ-साथ पूरे देश को चिंता में डाल दिया है। पुलिस थाने पर हमला और पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों को चोटें आईं, वह बेहद घोर निंदनीय है। इससे भी ज्यादा चिंता की बात यह है कि सरकार ने हिंसा करने वालों के सामने पूरी तरह से घुटने टेक दिए और अपहरण के गिरफ्तार आरोपियों की जमानत का समर्थन किया। यहां सवाल उठता है कि अगर आरोपी दोषी नहीं था, तो उस पर मुकदमा दर्ज कर उसे गिरफ्तार क्यों किया गया? अगर वह दोषी था तो दबाव में आकर जमानत क्यों दी गई?

अश्वनी शर्मा ने कहा कि अगला बड़ा सवाल यह है कि थाने पर हमला कर पुलिस अधिकारियों को घायल करने वाले आरोपियों के खिलाफ अभी तक एफआईआर दर्ज क्यों नहीं की गई? क्या सरकार को लगता है कि यह सारी हिंसा अपराध नहीं है या सरकार हिंसा करने वाले तत्वों से डरती है? जो सरकार अपने पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को न्याय नहीं दे सकती, उससे आम नागरिक न्याय और सुरक्षा की उम्मीद कैसे कर सकता है? ये तमाम सवालों ने आज पंजाब के लोगों के मन में डर भर दिया है। यह चिंता तब और भी गहरी हो जाती है जब हम इतिहास पर नज़र डालते हैं, तो हमारे रोंगटे खड़े हो जाते हैं, जब इसी तरह की घटनाओं और रवैयों ने पंजाब को एक लंबे काले अंधेरे दौर में धकेल दिया था। आपकी सरकार द्वारा अजनाला हिंसा पर धारी गई चुप्पी पंजाब की अमन-शांति और भाईचारे के लिए बड़ा खतरा साबित हो रही है। आज आतंकवाद का डट कर सामना करने वाली पंजाब की जांबाज पुलिस और पंजाबियों का मनोबल पूरी तरह टूट चुका है। पूरे प्रदेश में कानून व्यवस्था की स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है।

इन सभी परिस्थितियों के बीच भारतीय जनता पार्टी पंजाब के साथ चट्टान की तरह खड़ी है, हम हमेशा पंजाब की शांति और भाईचारे के लिए गंभीर और प्रतिबद्ध हैं। अश्वनी शर्मा ने भगवंत मान से पंजाब में लगातार बिगड़ती कानून व्यवस्था पर चर्चा के लिए सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग करते हुए कहा कि हम सब मिलकर पंजाब की शांति के लिए कोई सार्थक हल निकालें।

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