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यूपी में पैर जमा रहा बिश्नोई गैंग, पूर्वांचल के बाहुबली नेताओं की पसंद बना

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लखनऊ: लॉरेंस बिश्नोई को लेकर यूपी के छह जिलों समेत 9 राज्यों के 324 ठिकानों पर की गई एनआईए की छापेमारी में अहम जानकारियां सामने आई हैं। पंजाब के लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने हरियाणा, राजस्थान और दिल्ली के बाद यूपी के अंडरवर्ल्ड और माफियाओं के बीच गहरी पैठ बना ली है। हथियारों की सप्लाई, फरारी के दौरान वेस्ट यूपी से लेकर पूर्वांचल तक हाइडआउट हों या फिर सुपारी किलिंग और गैंगवॉर में दुश्मनों को निपटाने की बात ज्यादातर मामलों में लॉरेंस गैंग की संलिप्तता सामने आ रही है। गैंगस्टर लॉरेंस ने वेस्ट यूपी के कुख्यात और पूर्वांचल के बाहुबली नेता के जरिए वेस्ट यूपी से लेकर पूर्वांचल तक अपने हाइड आउट और सप्लाई चेन बना ली है।

एनआईए ने यूपी के छह जिलों लखनऊ, अयोध्या, सुल्तानपुर, अमेठी, मेरठ और बागपत में छापेमारी की थी। अयोध्या और लखनऊ में एनआईए ने जिस विकास सिंह के यहां छापेमारी की थी, वह पूर्वांचल के दो बाहुबली नेताओं का काफी करीबी है। एनआईए ने उससे पूछताछ भी की थी। दरअसल, 9 मई 2022 को मोहाली में इंटेलिजेंस मुख्यालय में हुए आरपीजी अटैक के बाद एजेंसियों की जांच में उसका अयोध्या कनेक्शन सामने आया था। इस हमले में शामिल दो आरोपियों को अयोध्या, सुल्तानपुर में शरण देने की बात सामने आई थी। आरोपियों में से एक नाबालिग और अयोध्या का ही रहने वाला है। इसे कुछ माह पहले ही दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने गुजरात से गिरफ्तार किया था। नाबालिग को विधानसभा चुनाव 2022 के दौरान कई बार अयोध्या के हिस्ट्रीशीटर औरव लोकल नेता के साथ सार्वजनिक कार्यक्रमों में देखा गया था। वहीं दूसरे आरोपी दीपक रंगा को नेपाल बार्डर से गिरफ्तार किया गया था।

बाहुबली MLA की हत्या के लिए अयोध्या में डाला था डेरा

विधानसभा चुनाव 2022 से पहले यूपी के बाहुबली एमएलए की हत्या के लिए लॉरेंस बिश्नोई गैंग के लोग कई दिनों तक अयोध्या में डेरा डाले रहे थे। इनमें लॉरेंस का भतीजा सचिन बिश्नोई, मूसेवाला हत्याकांड में शामिल कपिल पंडित और अन्य लोग थे। गैंग के लोगों को अयोध्या के एक हिस्ट्रीशीटर और लोकल नेता का पूरा सपोर्ट मिला हुआ था। इन लोगों के रुकने, रहने का इंतजाम इन दोनों के द्वारा ही किया गया था। इन दोनों के अयोध्या में होने, वहां के कई सार्वजनिक कार्यक्रमों में मौजूद रहने, चुनाव प्रचार से जुड़े कार्यक्रमों में शामिल होने के साक्ष्य एजेंसी को मिले हैं।

अतीक-अशरफ हत्याकांड से लेकर अजीत हत्याकांड तक कनेक्शन

यूपी की राजधानी लखनऊ में हुए मुख्तार गैंग के करीबी गैंगस्टर अजीत सिंह की सनसनीखेज हत्या में भी लॉरेंस बिश्नोई गैंग का नाम सामने आया था। दरअसल हत्याकांड को अंजाम देने वालों में लॉरेंस गैंग का शूटर राजन जाट उर्फ कुणाल भी शामिल था। राजन को दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार किया था। हाल ही में अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ हत्याकांड में भी लॉरेंस कनेक्शन सामने आ रहा है। क्योंकि हमलावरों के पास से जो जिगाना पिस्टल बरामद हुई है, वह लॉरेंस गैंग का ट्रेडमार्क असलहा है।

बुलंदशहर से असलहों की सप्लाई

लॉरेंस गैंग के खिलाफ एनआईए के अभियान के बाद ये साफ है कि गैंग आपराधिक के साथ-साथ आतंकी गतिविधियों में भी बड़े पैमाने पर शामिल है। इससे पहले भी एनआईए ने बुलंदशहर के खुर्जा निवासी मोहम्मद शाहबाज अंसारी को गिरफ्तार किया है। शाहबाज पर लॉरेंस गैंग को हथियार, गोला बारूद सप्लाई करने का आरोप है। शाहबाज के जरिए सप्लाई किए गए हथियारों से ही पंजाबी सिंगर सिद्धू मूसेवाला की हत्या भी की गई थी। दरअसल, शाहबाज का पिता कुर्बान अंसारी बड़ा हथियार सप्लायर था। पाकिस्तान से नेपाल के रास्ते हथियार लाकर बेचता था। सिद्दू मूसेवाला की हत्या में इस्तेमाल एके-47 शाहबाज के के जरिए ही लॉरेंस गैंग को बेचे जाने की बात सामने आ रही है। यह रायफल आठ लाख रुपये में बेची गई थी। कुरबान और उसके भाई रिहान को 19 अगस्त 2016 को दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने गिरफ्तार किया था। दोनों भाइयों से 10 ऑटोमेटिक विदेशी पिस्टल और 157 कारतूस बरामद हुए थे।

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