महिला रेसलर्स के यौन उत्पीड़न केस में आज का दिन अहम साबित हो सकता है। दिल्ली पुलिस आज भारतीय कुश्ती संघ के पूर्व अध्यक्ष और बीजेपी सांसद बृजभूषण शरण सिंह (Brij Bhushan Sharan Singh) के खिलाफ चार्जशीट फाइल कर सकती है। चार्जशीट फाइल होने से पहले नाबालिग पहलवान के परिवार ने तो अपना केस वापस ले लिया है लेकिन बाकी पहलवान अब भी बृजभूषण की गिरफ्तारी पर अड़ी हुई हैं। अब बृजभूषण की गिरफ्तारी होती है या नहीं ये आज चार्जशीट में आरोपों के बाद तय होगा।
अधिकारियों ने बताया कि जांच के क्रम में दिल्ली पुलिस ने पांच अन्य देशों के कुश्ती संघ/महासंघों को पत्र लिखकर बृजभूषण शरण सिंह द्वारा यौन उत्पीड़न की कथित घटनाओं के संबंध में जानकारी मांगी है, लेकिन उनके जवाब का इंतजार है. अधिकारियों ने बताया कि जवाब मिलने के बाद पूरक आरोपपत्र दाखिल किए जाएगा. उन्होंने बताया कि टूर्नामेंट के फोटो और वीडियो, मैच के दौरान पहलवान जहां रूकीं थीं उन जगहों की सीसीटीवी फुटेज आदि उपलब्ध कराने का अनुरोध करते हुए नोटिस जारी किया गया है.
बता दें कि इस साल जनवरी में पहलवानों ने बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ मोर्चा खोला था। एक नाबालिग समेत कुछ महिला पहलवानों ने उन पर यौन शोषण का गंभीर आरोप लगाया। पहलवानों ने बृजभूषण के खिलाफ सख्त एक्शन की मांग की और करीब 5 महीने बाद दिल्ली पुलिस इस मामले में आज चार्जशीट दायर करने वाली है लेकिन पहलवानों को बृजभूषण की गिरफ्तारी से कम कुछ भी मंजूर नहीं। यूपी के सियासी बाहुबली बृजभूषण शरण सिंह भारत में कुश्ती संघ के भी बाहुबली हैं और जब कुछ महिला पहलवानों ने इस बाहुबली पर यौन शोषण जैसा गंभीर आरोप लगाया तो अखाड़े के साथ साथ सियासत में भी भूचाल आ गया। लेकिन बृजभूषण शरण सिंह का बाहुबल ऐसा है कि आरोपों के बाद भी न उनके तेवर में कोई फर्क आया और न ही उनके हाव-भाव में। इधर, खिलाड़ी जंतर-मंतर पर आंदोलन कर रहे थे और उधर वो अपने क्षेत्र में सियासी रैलियां कर उन पर अमर्यादित टिप्पणियां करते रहे। बृजभूषण के इसी बाहुबल की वजह से यौन शोषण जैसे गंभीर आरोप लगने के बाद भी ये मामला इतना लंबा खिंचता गया कोई उनका बाल भी बांका नहीं कर पाया।
इसी बीच विशेष जांच दल ने 180 से ज्यादा लोगों से पूछताछ की है. पुलिस की टीम उत्तर प्रदेश के गोंडा स्थित बीजेपी सांसद बृजभूषण के आवास पर भी गई थी. जहां उसने सांसद के रिश्तेदारों, सहकर्मियों, घरेलू कर्मचारियों और उनके सहयोगियों का बयान दर्ज किया. वहीं सूत्रों की मानें तो बृजभूषण शरण सिंह के परिवार के सदस्य पात्रता के बावजूद महासंघ के आगामी चुनाव नहीं लड़ेंगे. गौरतलब है कि डब्ल्यूएफआई के अध्यक्ष, वरिष्ठ उपाध्यक्ष, चार उपाध्यक्ष, महासचिव, कोषाध्यक्ष, दो संयुक्त सचिव और पांच कार्यकारी सदस्यों के लिए छह जुलाई को चुनाव होंगे







