नजम सेठी के पद से हटने और खुद के नए चीफ बनने के बाद पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के अध्यक्ष जका अशरफ ने अपने एक बयान से बवाल खड़ा कर दिया था. दरअसल, जका अशरफ ने हाइब्रिड मॉडल को रिजेक्ट कर दिया था और कहा था कि पूरा टूर्नामेंट पाकिस्तान में ही आयोजित किया जाएगा. हालांकि, अब अशरफ ने अपने सुर बदल लिए हैं.
अब पीसीबी चीफ जका अशरफ ने कहा है कि एशिया कप को हाइब्रिड मॉडल के रूप में आयोजित कराने का फैसला उनके आने से पहले लिया गया था. ऐसे में वह अब इसमें कुछ ज्यादा नहीं कर सकते हैं.
जका अशरफ ने एक भारतीय वेबसाइट से बातचीत में कहा, “मेरे हिसाब से हाइब्रिड मॉडल पाकिस्तान के हित में नहीं है. मुझे यह पसंद नहीं आया. पीसीबी को एशिया कप पूरी तरह से पाकिस्तान में आयोजित कराने पर जोर देना चाहिए था. टूर्नामेंट के 9 मैच श्रीलंका में होंगे और पाकिस्तान में सिर्फ चार मैच ही खेले जाएंगे. यह हमारे देश के हित में नहीं है.”
जका अशरफ ने साफ कर दिया है कि वह अब पहले से हो चुके पीसीबी और एसीसी के करार को बाधित नहीं करेंगे. उन्होंने कहा कि इसका फैसला पहले ही लिया जा चुका है और अब उन्हें इस फैसले के साथ ही जाना होगा.
जका अशरफ ने इस्लामाबाद में एक प्रेस कांफ्रेंस के दौरान कहा था कि मैं पहले ही इस हाइब्रिड मॉडल को खारिज कर चुका हूं, क्योंकि मैं इससे सहमत नहीं हूं. एशियाई क्रिकेट परिषद के बोर्ड ने फैसला किया था कि यह टूर्नामेंट पाकिस्तान में होगा तो यहीं होना चाहिए.
जका अशरफ के इस बयान के बाद जहां एशिया कप का आयोजन खतरे में दिख रहा था. वहीं भारत में इस साल के आखिर में होने वाले वनडे वर्ल्ड कप में पाकिस्तानी टीम के खेलने पर भी संशय की स्थिति दिख रही थी. अगर पीसीबी चीफ जका अशरफ अपना रुख नहीं बदलते तो ऐसे में एशिया कप को पाकिस्तान टीम के बिना ही खेला जाने का फैसला लिया जा सकता था.







