SC, collegium: दो सिख वकीलों को हाई कोर्ट का जज बनाने की सिफारिश पर केंद्र सरकार की मंजूरी न मिलने को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को तिथि टिप्पणी की कोर्ट ने सरकार से सवाल किया की ट्रांसफर और नियुक्ति के मामलों में कुछ नाम को चुनती है पर कुछ को छोड़ क्यों देती है पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट के में वकीलों हरमीत सिंह ग्रेवाल और दीपेंद्र सिंह नलवा को जज बनाए जाने की सिफारिश की गई थी इसी का जिक्र करते हुए जस्टिस संजय किशन कॉल और सुधांशु धूलिया की बेंच ने सवाल उठाया बेंच ने यह भी कहा कि जिन दो उम्मीदवारों के नाम मंजूर किए गए हैं वह दोनों सिख हैं ऐसा क्यों हो रहा है पांच को मिली मंजूरी अदालत ने कहा कि कॉल्जियम में कुल 11 जजों के ट्रांसफर की सिफारिश की थी इनमें से पांच को ही मंजूरी मिल पाई है जबकि अब भी 6 नाम अट रहे हैं अदालत ने कहा कि सरकार ने 8 नियुक्तियों पर कोई भी फैसला नहीं लिया वही चयन का दिया हवाला अटॉर्नी जनरल ने कहा कि चयन का सीजन चल रहा है इसकी वजह से थोड़ा वक्त लग रहा है इस पर सुप्रीम कोर्ट ने फिर कहा कि आधे से ही कम लोगों को नाम को अब तक मंजूरी मिली है बेंच ने कहा कि हम पूरे मसले को समझते हैं आप इस तरह से नाम को रोक कर वरिष्ठता क्रम को प्रभावित करते है
SC, collegium 2 सिख वकीलों को हाई कोर्ट का जज बनने की सफारी से सुप्रीम कोर्ट ने मोदी सरकार को लगाई फटकार







