23/मई डीडी न्यूजपेपर पंजाब भाजपा अध्यक्ष सुनील जाखड़ जी ने चुनाव का समय सुबह 6:00 बजे से शाम 7:00 बजे तक करने का चुनाव कमिश्नर से आग्रह किया है जो कि 13 घंटे बनता है जबकि मानवाधिकार आयोग एक मजदूर को भी 8 घंटे से ज्यादा समय काम करवाने को भी गलत मानता है? परंतु उनको शायद यह नहीं पता कि चुनाव कमीशन द्वारा पहले ही यह समय सुबह 7:00 बजे से शाम 6:00 बजे तक का निर्धारित किया हुआ है और चुनावी अमले को जिसे एक रात पहले ही अपने पोलिंग बूथ पर जाकर ठहरना है. तो क्या जाखड़ साहब को यह नहीं पता चलता है कि वह ड्यूटी देने वाले क्या इंसान नहीं है. उनको गर्मी नहीं लगती है क्या?जो इस तरह की अमानवीय मांग यह नेता चुनाव आयोग से कर रहे हैं। जिन लोगों ने वोट डालनी है वह पहले भी इस तापमान में काम करते रहते हैं तो वह डालने वह ऐसे तो समय में वोट डालना उनके लिए कोई अनुचित काम नहीं है जिन्होंने वोट डालनी है वह जाकर वोट जरुर डालेंगे। तो मेरी चुनाव कमीशन से यही गुजारिश है कि चुनावी अमले की सेहत का ध्यान रखते हुए इस समय को बिल्कुल भी ना बदला जाए. और इन नेताओं को भी यह ज्ञान होना चाहिए कि सिर्फ उनकी राजनीति के लिए हम चुनावी अमले की सेहत से खिलवाड़ नहीं कर सकते. और इस चुनावी अमले में वह महिला कर्मचारी भी होंगे जिनके छोटे बच्चे और परिवार पीछे दो दिन से उनका इंतजार कर रहा हो ।आशा करता हूं चुनाव कमीशन मेरे छोटे से सुझाव पर गौर करते हुए समय को कदापि नहीं बढाए और पोलिंग बूथ पर भी. ऐसा वातावरण होना चाहिए ताकि चुनावी ड्यूटी दे रहे कर्मचारियों को किसी तरह की अनावश्यक परेशानी ना हो और उनके ड्यूटी के बाद घर पहुंचने के सुनियोजित प्रबंध किया जाऐं।
धन्यवाद सहित. दर्शन सिंह तनेजा. लेक्चरर फिजिक्स. सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल खुईखेड़ा वर्णनयोग बात यह है कि असल वोटिंग से पहले मॉक पोल की प्रक्रिया करवाई जाती है जिसमें डेढ़ से दो घंटे का समय लगता है।
वोटिंग के लिए समय समाप्ति पर यदि कोई वोटर पोलिंग बूथ पर होते हैं तो उनकी वोट भी डलवाने के बाद ही चुनाव प्रक्रिया खत्म की जाती है। जिससे चुनावी अमले के लिए यह ड्यूटी लगातार 15 से 16 घंटे की हो जाएगी जो कि सरासर गलत है







