29/मई (डीडी न्यूजपेपर) . जालंधर निगम आयुक्त गौतम जैन से अवैध कॉलोनियों की जानकारी मांगी गई थी 25 अप्रैल 2025 को उनको व्हाट्सएप पर मैसेज किया गया. फ़ोन करने पर टेक्स्ट संदेश भेजने को कहा उनको कई टेक्स्ट मैसेज भेज गए कई फोन कॉल किए गए लेकिन अवैध कॉलोनियों के बारे में कालोनियों के बारे में जानकारी नहीं दी. गौतम जैन की इसमें क्या मजबूरी होगी ? सुखदेव विशिष्ट का नाम रोज अखबारों में इस प्रकार लिया जा रहा है जैसे कि वह घोटाला करता चला गया और प्रशासन ने आंखें बंद रखीं.क्या तत्कालिक आयुक्त गौतम जैन से इस बारे में सतर्कता विभाग ने पूछताछ की ? क्या किसी संयुक्त आयुक्त से पूछाताछ हुई या पुराने जो आयुक्त रहे हैं उनसे घोटाले के बारे में कुछ पूछा गया. प्रशासन का काम लोगों को जागरूक करना है उनको जानकारी देना है ना कि जानकारी छिपाना. क्या गौतम जैन का कोई भूमाफिया से कोई संबंध है ? अन्यथा उन्हें अवैध कोलोनियॉ के बारे में जानकारी देने में क्या आपत्ति है गाइडलाइन के मुताबिक उनको अपनी वेबसाइट पर डालना चाहिए कि किन कॉलोनाइजरों को लाइसेंस किसने कितनी फीस जमा करवाई. इसलिए अवैध कॉलोनियों के बारे में लोग जान ले और अपने पैसे ना फ़साये.पर हालात को देखते हुए ये कहा जा सकता है प्रशसन की मदद से ही अवैध कॉलोनियां बन रही है.
चाहे पुडा के अंदर कालोनी आती हो या नगर निगम के अंतर्गत आती हो उनको प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से और वेबसाइट पर जानकारी प्रकाशित करनी चाहिए. इस वजह से लोगों को बहुत परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है बिजली के मीटर नहीं लगाए जा रहे हैं अवैध कॉलोनियों में. यदि गौतम जैन जैसे अधिकारियों की आंखें अभी नहीं खुली तो इस संबंध में सभी अधिकारी और उनके मंत्रियों के नंबर सार्वजनिक किए जाएंगे ताकि लोग रजिस्ट्री कारवाने से पहले अधिकारियों और मंत्रियों से पूछे कि कौन सी कॉलोनी वैध है कौन सी वैध नही है |







