29/जुन जालंधर के पंजाबी बाग में एक प्रवासी द्वारा नाजायज तरीके से समरसेबल का बोर करवाया जा रहा है तो सबसे हैरानी वाली बात यह डिपार्मेंट के अलावा कोई यूनियन के प्रधान आए और आगे प्रवासी के साथ कुछ गुफ्तगू की और चले गए जब संबंधित एरिया के इंस्पेक्टर से बात की तो उन्होंने कहा आज तो संडे है तो मैं कल आकर काम बंद करवाऊंगा जब उनसे जो भाई साहब पहले कॉर्पोरेशन का कहकर गुफ्तगू करके गए तो एरिया इंस्पेक्टर का कहना है कि उनका तो कोई रोल ही नहीं अब दूसरी बात यह है❓ कि इसी एरिया में एक आखोती पत्रकार भाई साहब भी रहते हैं अब जब प्रवासी से बात की तो उन्होंने कहा की आप एक बार इस पत्रकार से बात कर ले अभी यह भगवान जानता है कि यह पतलकार ने कोई सेटिंग की है या फिर हमदर्दी दिखाई है पर हैरानी वाली बात यह है कि जो काम गलत है और हो भी रहा है वह तो गलत ही रहेगा क्योंकि सरकार द्वारा समरसेबल कनेक्शन लगाने की अनुमति डीसी साहब से लेनी पड़ती है जो की मिलती नहीं है इसलिए लोग नाजायज तरीके से समरसेबल लगते हैं अब इस नाम के शख्स का इस समरसेबल में क्या रोल है या फिर कोई लेनदेन हो चुका है क्योंकि प्रवासी ने कहा कि उनसे बात कर लो तो यह आखोती पतलकार वाले शख्स कौन सा कोई सरकारी अधिकारी हैं या कोई मंत्री के पिए हैं जो इनसे बात की जाए इसे सीधा-सीधा यही मतलब निकलता है की दाल में कुछ काला है ………..❓







