11, सितंबर (करणबीर सिंह): शहर में जमीन, पैसों और शादी-विवाह से जुड़े झगड़े अब थाने के एसएचओ नहीं सुलझाएंगे। इन मामलों की जांच अब सीधे डी.सी.पी., एडीसीपी और एसीपी रैंक के अफसर करेंगे। पुलिस कमिश्नर स्वपन शर्मा ने यह आदेश हाल ही में हुई एक अहम मीटिंग में दिए। भ्रष्टाचार और पक्षपात रोकने के लिए यह अहम फैसला लिया गया है।सूत्रों के मुताबिक कमिश्नर स्वपन शर्मा का कहना है कि ऐसे केसों में जांच लंबी चलती है। थाने के अधिकारी पहले से ही अदालत में पेशी और कानून व्यवस्था से जुड़े कामों में व्यस्त रहते हैं। इसी कारण जांच में देरी होती थी। अब एसीपी और उससे ऊपर के अधिकारी इन केसों को समय पर निपटाएंगे। कमिश्नर के मुताबिक उनके पास 25 गजटेड अधिकारी हैं, जो फुल टाइम केसों की जांच कर सकते हैं। इससे लोगों को समय पर न्याय मिलेगा। सूत्रों का कहना है कि यह कदम थाना स्तर पर हो रहे भ्रष्टाचार और एक तरफा कार्रवाई की शिकायतों को देखते हुए लिया गया है। कई बार शिकायतकर्ता यह आरोप लगाते थे कि थाने में सुनवाई नहीं हो रही, या उन पर दबाव बनाया जा रहा है। इसलिए लापरवाही बरतने वालों पर सी.पी. लगातार कार्रवाई कर रहे है। कमिश्नर शर्मा ने बीते 19 दिनों में 5 पुलिसकर्मियों को सस्पेंड किया है, जिनमें एक इंस्पेक्टर भी शामिल है।







