जालंधर 13/ नवंबर के झंडू सिंघा दोसड़का के पास चोपड़ा डेंटल हॉस्पिटल बनाया जा रहा है रिहायशी बिल्डिंग को कमर्शियल में तब्दील करने का मामला सामने आया है बड़ी ही हैरानीजनक करने वाली बात सामने आई कि इस बिल्डिंग का बैंक से करोड़ों का लोन पास हुआ है और सबसे बड़ी बात यह कि इतना बड़ा करोड़ों का लोन कैसे पास हो गया और इतनी ऊपर तक सेटिंग कि किसी ने पेपर तक नहीं चेक किया जब इसकी जेडीए जालंधर को बिल्डिंग के संबंध में कंप्लेंट की गई तो जेडीए के संबंधित अधिकारी ने वहां पर काम रुकवा दिया तब जाकर हैरानी हुई की इतनी बड़ी लोन की अमाउंट वह भी कंस्ट्रक्शन लोन कैसे पास हो गया जबकि रूल के मुताबिक यह लोन पास करवाने के लिए बिल्डिंग डिपार्टमेंट से नक्शा पास चाहिए बाकायदा आर्किटेक्ट से सब कुछ काम रूल के मुताबिक होता है पर यहां तो यह काम इन्होंने लगता खुद ही किया खुद ही नक्शा पास किया और खुद ही मोहरे तक लगवा ली अब इस बात की सारी जानकारी बैंक जो कि फगवाड़ा के बस स्टैंड के सामने बैंक ऑफ़ इंडिया जब ब्रांच मैनेजर परविंदर कुमार राजू से बात हुई तो उन्होंने कहा कि बैंक द्वारा अगली पैसों की किस्त रोक दी गई है और बड़े अधिकारियों को बता दिया गया है अब देखना यह है कि इस पूरे काम को अंजाम देने वाला कानून की गिरफ्त में कब आता है और दूसरी बात अपने आप को सच साबित करने के लिए इन्होंने पुलिस को भी गुमराह करने की कोशिश की वहां पर भी झूठी दरखास्त देखकर कहा कि कुछ लोग हमें ब्लैकमेल कर रहे हैं इसलिए इस बात की जेडीए के बड़े अधिकारी एडीसी दरबार सिंह जी के समक्ष यह बात उनके ध्यान में लाई गई है कि अगर जेडीए में इस बिल्डिंग के संबंध में कोई भी नक्शा या NOC नहीं दी है तो बैंक ने इतना बड़ा लोन कौन से पेपर देखकर पास कर दिया या फिर इन्होंने बैंक को जो पेपर दिए हैं वह खुद तैयार किए हैं अभी यह सारा मामला जांच का विषय बना हुआ है इसकी बड़े स्तर पर जांच होनी चाहिए ताकि इतना बड़ा घोटाला होने से बच जाए और जो इस पूरे घोटाले में शामिल है उन सब पर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए







