जालंधर। विजिलेंस ब्यूरो ने निगम में रिश्वतखोरी के नेटवर्क को ध्वस्त कर आर्किटेक्ट समेत दो लोगों को काबू किया है। आर्किटेक्ट निगम इंस्पेक्टर व ड्राफ्टमैन के लिए 60 हजार की रिश्वत ले रहा था। आरोपियों की पहचान नगर निगम बिल्डिंग ब्रांच के इंस्पेक्टर सुखविंदर शर्मा और मैक्स एसोसिएट रामा मंडी के आर्किटेक्ट राजविंदर सिंह के रूप में हुई। इन दोनों की तीसरा साथी नगर निगम का ड्राफ्टमैन मौके से फरार हो गया। विजिलेंस ब्यूरो की टीम उसे भी पकड़ने के लिए दबिश दे रही है। इनकी गिरफ्तारी मास्टर तारा सिंह नगर के तरुणवीर की शिकायत पर की गई है। एसएसपी विजिलेंस राजेश्वर सिंह सिद्धू ने बताया कि आर्किटेक्ट राजविंदर सिंह निगम में गलत काम को सही करवाने के लिए अधिकारियों, कर्मचारियों से सेटिंग करता था। इसके बाद जो कमाई होती थी वह आपस में बांट लेता था। तरुणवीर ने विजिलेंस को दी अपनी शिकायत में कहा था कि वह शहर में अपने प्लाटों पर एक चैरिटेबल अस्पताल बनाना चाहता है। इसके लिए प्लाटों का लैंड यूज चेंज होना जरूरी है। लैंड यूज चेंज करवाने के लिए उससे पांच लाख रुपये की रिश्वत मांगी गई। इसी दौरान उनके संपर्क में मैक्स एसोसिएट रामा मंडी के मालिक आर्किटेक्ट राजविंदर सिंह आया। उसने कहा कि वह सारा मामला सुलझ जाएगा इसके लिए 65 हजार रुपये रिश्वत लगेगी, जिसमें बिल्डिंग इंस्पेक्टर सुखविंदर को 50 हजार रुपये और वरुण को 15 हजार रुपये रिश्वत देनी पड़ेगी। तरुणवीर की शिकायत मिलने के बाद डीएसपी जतिंदरजीत सिंह को पूरे आपरेशन की जिम्मेदारी दी गई, जिन्होंने पूरा जाल बिछाया गया व गवाह तैयार किए गए। इसके बाद तरुणवीर को पैसे देकर भेजा। जैसे ऑर्किटेक्ट ने पैसे पकड़े तो विजिलेंस ने उसे गवाहों के सामने गिरफ्तार कर लिया। उसकी जेब से पैसे भी बरामद कर लिए।
इसके बाद इंस्पेक्टर सुखविंदर शर्मा को ऑर्किटेक्ट की शिनाख्त पर अमृतसर से गिरफ्तार किया गया, जबकि सूचना मिलते ही इनका तीसरा साथी वरुण फरार हो गया।







