दोआबा दस्तक न्यूजः खालिस्तान समर्थक अमृतपाल सिंह के केस में केवल उन्हीं लोगों पर कार्रवाई की जाएगी, जो इस मामले में शामिल होंगे। यह दावा गुरुवार को पंजाब पुलिस के आईजी (मुख्यालय) सुखचैन सिंह गिल ने किया। उन्होंने कहा कि पंजाब में माहौल शांतिपूर्ण है। मुख्यमंत्री भगवंत मान सारी स्थिति पर नजर रखे हैं। उन्होंने कहा कि इस मामले में अब तक 207 लोगों को हिरासत में लिया गया है। इससे केवल 30 लोगों पर सख्त कार्रवाई होगी, जबकि 177 लोगों को चेतावनी देकर छोड़ दिया जाएगा। जिन पर कार्रवाई होगी, वह आपराधिक वारदातों में शामिल है।
उन्होंने बताया कि इससे पहले तरनतारन के सहराली थाने पर हुए आरपीजी हमले में कुछ लोग पकड़े गए थे। इनमें से 30 के करीब नाबालिगों को छोड़ दिया गया था। पुलिस अमृतपाल सिंह केस में अब तक छह केस दर्ज किए है। इसमें तीन केस अमृतसर ग्रामीण व तीन केस जालंधर ग्रामीण क्षेत्र के थानों में दर्ज हैं, जबकि आरोपी के कब्जे से अब तक पुलिस 12 हथियार कब्जे में ले चुके हैं। इसमें पता चला है कि अधिकतर हथियार अवैध है। याद रहे कि इससे पहले इस मामले को विरोधी दलों ने खूब उठाया था। उनकी दलील थी कि पुलिस बेकसूर लोगों को गिरफ्तार कर रही है। इसके बाद इस दिशा में काम किया गया है।
इंटरनेट बंद होने से हुए नुकसान की होगी भरपाई
पंजाब सरकार ने अमृतपाल की वजह से इंटरनेट सेवा बंद रहने से लोगों को जो नुकसान हुआ, उसकी भी भरपाई करने में जुट गई है। आईजी ने बताया सरकार तय कर कर रही है कि जिन परीक्षाओं के लिए आवेदन करने की समय अवधि इंटरनेट बंद करने के समय पड़ी है, उन्हें बढ़ाया जाएगा। इसके अलावा कोई छात्र परीक्षा नहीं दे पाया है, उसकी परीक्षा का भी इंतजाम किया जाएगा।
मोबाइल चैट की नहीं हुई पुष्टि
आईजी ने एक सवाल के जवाब में बताया कि जो मोबाइल चैट वायरल हो रही है, उसकी अभी तक पुष्टि नहीं हुई है कि वह अमृतपाल सिंह की है या किसी अन्य व्यक्ति की। उन्होंने बताया कि इस चैट को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा जाएगा। इसके बाद सारी स्थिति साफ हो पाएगी।







