दोआबा दस्तक न्यूजः सरकार ने वित्त वर्ष 2022- 2023 के लिए पीएफ की ब्याज दर बढ़ा दी है यानी अब पीएफ सब्सक्राइबर्स को पहले से भी ज्यादा फायदा होगा। ईपीएफओ की ब्याज दर 8.10 फीसदी से बढ़ाकर 8.15 फीसदी तय की गई है। सेंट्रल बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज की बैठक में इसको सहमति मिली है।
मालूम हो कि हर साल मार्च के महीने में सीबीटी की बैठक में ब्याज दरों पर फैसला लिया जाता है। इस बार ये बैठक 27-28 मार्च को हुई थी। मालूम हो कि अगर आप नौकरी करते हैं तो आपकी सैलरी का कुछ हिस्सा कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) में जाता है। आपकी बेसिक सैलरी और डीए का 12 फीसदी हिस्सा ईपीएफ में जाता है।
इसके साथ ही, इतना ही अमाउंट आपकी कंपनी की ओर से भी डिपॉजिट किया जाता है। इसी से जुड़ी ब्याज दरों पर अब फैसला लिया गया है। श्रम और रोजगार मंत्रालय की ओर से हाल ही में जारी पेरोल डेटा से पता चला है कि ईपीएफओ ने जनवरी 2023 में 14.86 लाख ग्राहक जोड़े। वहीं 3.54 लाख मेंबर्स ईपीएफओ से बाहर हुए।
पिछले साल सबसे कम थी ब्याज दर
पिछले वित्त वर्ष के लिए सरकार ने 40 साल में सबसे कम ब्याज देने का फैसला किया गया था। 2021-22 के लिए 8.1% ब्याज तय किया गया था। इससे पहले ये 8.5% मिल रहा था। साल 1977-78 में ब्याज दर 8% थी। इसके बाद से हमेशा 8.25% से ऊपर ही रही। वित्त वर्ष 2018-19 में 8.65%, 2017-18 में 8.55%, 2016-17 में 8.65% और वित्त वर्ष 2015-16 में 8.8% ब्याज मिला था।







