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पटियाला जिले की सनौर और समाना बेल्ट सब्जी के लिए जानी जाती है। यहां हाल में टमाटर की बड़े स्तर पर खेती है। इस वक्त दोनों जगह 1800 एकड़ में टमाटर लगा है जो बारिश और ओलावृष्टि से बर्बाद हो गया है। टमाटर गलन होने से झुलस गया है वहीं टूटकर बर्बाद हो रहा है। 25 किलो का क्रेट मंडी में 150 रुपए में बिक रहा है। इसी तरह से शिमला मिर्च की जड़ें हिल चुकी हैं जिससे इसकी तुड़ाई लेट हो गई। जो फसल है भी वो मंडी में 15 से 16 रुपए किलो बिक रही है।
50 हजार प्रति एकड़ मुआवजा दे तभी ठेका भर पाएंगे

सनौर के किसान कुलदीप सिंह ने बताया कि उसने 60 हजार ठेके पर जमीन लेकर 6 एकड़ में टमाटर जबकि 8 एकड़ में शिमला मिर्च लगाई है जो बुरी तरह से बर्बाद हो गई है। टमाटर जमीन पर गिर रहा है वहीं शिमला मिर्च की जड़ें हिल गई हैं। कहते हैं कि ये जड़ें फसल की नहीं किसान की हिली हैं क्योंकि ठेका भर पाना मुश्किल है। सरकार कम से कम 50 हजार प्रति एकड़ मुआवजा दे तभी ठेका भर पाएंगे।
सब्जी की खेती भी 50 फीसदी तक साफ, आने वाले समय में मौसम के अनुसार लाने होंगे बीज
बारिश से सब्जी की खेती को बड़े स्तर पर नुकसान पहुंचा है। इस वक्त खीरा, करेला, भिंडी, शिमला मिर्च, टमाटर सहित 50 फीसद सब्जियां लग चुकी हैं। इनमें पानी खड़ा है जिससे यह बर्बाद हो सकती हैं। किसानों को फिर से इन्हें लगाना पड़ सकता है बशर्ते एक-दो दिन में अच्छी धूप नहीं खिली और निकासी नहीं हुई। जालंधर में लगभग 400 हेक्टेयर में हाड़ी का आलू लगा है उसे भी नुकसान पहुंचने की संभावना है। अभी खेती में सबसे बड़ा संकट यह है कि मौसम के अनुसार बीज अपडेट नहीं हुए हैं। आने वाले समय में यही सबसे बड़ा चैलेंज होगा कि मौसम में आ रहे बदलाव के अनुसार बीजों का अनुसंधान हो तभी किसानी फायदे में आ सकती है।: डॉ. लाल बहादुर, डिप्टी डायरेक्ट, बागवानी







