23/8 अगस्त, पिछले दिनों में दैनिक जागरण द्वारा अपनी अखबार में फ्रंट पेज पर एक खबर पब्लिश की थी और खबर में भारत और पाकिस्तान में फिर से सर्जिकल स्ट्राइक की बात की थी पर खबर को पीआईबी फैक्ट चैक में बिल्कुल गलत और फेक बताया गया इसके बाद पीआईबी नेट ट्वीट करके बताया कि जागरण न्यूज़ की तरफ से जो भारत और पाकिस्तान में फिर से सर्जिकल स्ट्राइक करने का दावा किया था जो कि पिछले दिनो पीआईबी की तरफ से बिल्कुल फर्जी बताया गया पीआईबी मैं आगे लिखा है कि 21 अगस्त को जनरल एरिया हमीरपुर में फौजी की तरफ से घुसपैठ करने की कोशिश को नाकाम कर दिया गया जिसका सारा बेरवा जम्मू profdefencejammu की जम्मू मीडिया के साथ सांझा किया गया था #PIBFACTCHECK ✅
इस मुद्दे पर न्यूज़लॉन्ड्री ने जम्मू में तैनात रक्षा प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल सुनील बर्थवाल से बात की. वो कहते हैं, “इस खबर में कोई सच्चाई नहीं है. हम अखबार को इसका खंडन जारी कर रहे हैं, क्योंकि अखबार ने न दिल्ली में किसी से इस बारे में पुष्टि की और न ही हमारे जम्मू कार्यालय से संपर्क किया.
वह आगे कहते हैं, “हमने 21 अगस्त को एक प्रेस रिलीज जारी की थी कि बालाकोट में दो आंतकी मारे गए हैं. यही एक ऑपरेशन था, जो एलओसी पर अंजाम दिया गया. यह खबर बाकी सभी अखबारों में भी प्रकाशित हो चुकी है. लेकिन जागरण ने इस जानकारी को एक नया रूप दे दिया.”
बर्थवाल कहते हैं, “मैं इस रिपोर्टर (गगन कोहली) को सुबह से फोन कर रहा हूं लेकिन उसने अपना फोन स्विच ऑफ कर रखा है. मुझे उनसे पूछना है कि ये इतनी बड़ी खबर उन्होंने किससे कन्फर्म की है? उनका क्या सोर्स है?”
बर्थवाल लगे हाथ एक बड़ी चिंता भी जाहिर करते हैं, “इतनी बड़ी खबर राष्ट्रीय संस्करण में छप गई, सोचिए अगर पार्लियामेंट सेशन चल रहा होता तो बवाल मच जाता. यह भी नहीं कह सकते हैं कि गगन नौसिखिया या नया पत्रकार है, वह सालों से पत्रकारिता कर रहे हैं.भारतीय सेना के दिल्ली प्रवक्ता सुधीर चमोली कहते हैं कि इस बारे में हमने दैनिक जागरण के एडिटर इन चीफ को एक खंडन जारी कर दिया है. वह कहते हैं, “हमने उनको बोला है कि आप नामी अखबार हैं. इस प्रकार की परिस्थितियां और इस प्रकार की न्यूज़ से देश की सुरक्षा पर फर्क पड़ सकता है. आपको चेतावनी दी जाती है कि अगली बार ऐसा कुछ होता है तो आपको मिनिस्ट्री ऑफ इनफार्मेशन एंड ब्रॉडकास्टिंग के द्वारा सूचित किया जाएगा. आगे से इस तरह की खबर बिना सहमति के न चलाई जाए.”
जहां एक तरफ सेना और पीआईबी ने जागरण की खबर को फेक बताया है. वहीं उसके रिपोर्टर अपनी खब़र के साथ खड़े होने का दावा करते हैं.
कोहली न्यूज़लॉन्ड्री से कहते हैं कि मैंने यह खबर अपने सूत्रों के आधार पर लिखी है. गगन के मुताबिक भारतीय सेना क्यों मानेगी कि उसने ऐसा किया है. मेरे पास इस सर्जिकल स्ट्राइक का फोटो और वीडियो मौजूद है.
क्या आपने इस खबर के लिए सेना या सरकार का पक्ष जानने की कोशिश की? इस पर गगन कहते हैं, “जब कोई बोलेगा नहीं तो कहां से कोट्स लिखूंगा. मेरी स्टोरी 101 प्रतिशत सही है. मुझे जागरण में काम करते हुए 23 साल हो गए हैं और तब से आतंकवाद ही कवर रहा हूं. मैं आज स्टोरी का भी फॉलोअप कर रहा हूं.







