जालंधर । करनबीर सिंह । (डीडी न्यूजपेपर) के गांव कोटला में सेन्ट्रल गवर्नमेंट आफ इंडिया की सरकारी जमीन (साबका सरपंच लाडी) और इसी गांव का ( नंबरदार हरभजन सिंह) और इनका बेटा शिंदा ने मिलकर यह जमीन बेची है पर अब नंबरदार हरभजन इस दुनिया में नहीं है और उसके बेटे ने लाड़ी के साथ मिलकर अब गांव कोटला की सरकारी जमीन बेच डाली और वहां पर प्रवासी लोगों को दो-दो मरले के प्लांट बेच दिए वह भी बिना किसी रजिस्ट्री के और बिना कोई सरकारी फीस जमा करवाए सिर्फ ऐसे ही इन्होंने सारी जमीन बेच डाली यहां तक की वहां पर कुछ अधिकारियों की मिली भगत से इन्होंने सीवरेज तक डाल/डाल दिया और आगे सीवरेज डालने के लिए इन्होंने सीवरेज का मता भी पास करवा लिया जब इस बात की गंभीरता से जांच की गई तो पता चला कि इन्होंने सरकार को लाखों का नहीं करोड़ों का चूना लगाया है इस बात का डीसी जालंधर और तहसीलदार और पटवारी और कानूनगो को सबको इस बात से जानू करवाया की यहां पर बहुत बड़ा स्कैम हो रहा है और इस बात की पुख्ता जानकारी दी की वहां पर कैसे प्रवासियों को 70 से 80 हजार पर मरला के हिसाब से जमीन बेची गई और वहां पर पता नहीं बिजली डिपार्टमेंट ने भी कैसे बिजली के मीटर लगा दिए यहां तक की अगर बिजली डिपार्टमेंट के पास कोई और मीटर के लिए अप्लाई करने जाए तो वह पहले मकान की (नओसी) मांगते हैं और यहां पर तो मुझे लगता है सब मिले हुए हैं क्योंकि बिजली के मीटर भी लग चुके हैं और लोग अपने मकानो में पक्के लेटर डालकर रह भी रहे हैं कई बार पटवारी गुरप्रीत ने आकर काम भी बंद करवाया पर कुछ दिनों के बाद फिर वह काम शुरू हो जाता है और मकान बन जाते हैं अब वहां पर एक-एक करके सैकड़ो मकान बन गए हैं और पूरा मोहल्ला बन चुका है जब इस बात की जानकारी सब तहसीलदार विपन अरोड़ा की देखरेख में यह मामला लाया गया तो उन्होंने यह बात पटवारी गुरप्रीत सिंह के ऊपर सौंप दी कि वह हमें रिपोर्ट बनाकर भेजेंगे और भी कई डिपार्मेंट इसके साथ इस जमीन के साथ है जो की सेंट्रल गवर्नमेंट ऑफ़ इंडिया की जमीन बेचने में जुड़े हुए हैं क्योंकि सरकार की जमीन बेचनी कोई छोटा काम नहीं है वह भी सेंट्रल गवर्नमेंट आफ इंडिया की हमारे साथ जुड़े रहे आगे हम आपको बताएंगे की कैसे कैसे लोगों को और अफसर शाही को बेवकूफ बनाकर इन लोगों ने लाड़ी और नंबरदार हरभजन सिंह और उसके बेटे शिंदे ने जमीन बची है







