HomeDelhiग्रहण में क्या करें और क्या न करें पढ़ें विस्तार से

ग्रहण में क्या करें और क्या न करें पढ़ें विस्तार से

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दोआबा दस्तक न्यूज। (रिची रोहित)
जब भी कोई ग्रहण लगता है उसके पहले सूतक काल आरंभ हो जाता है। सूर्यग्रहण होने पर 12 घंटे पहले और चंद्र ग्रहण लगने पर 5 घंटे पहले सूतक काल शुरू हो जाता है। सूतक काल को अशुभ माना गया है इसलिए सूतक लगने पर पूजा-पाठ,धार्मिक अनुष्ठान और शुभ काम नहीं किए जाते हैं। मंदिर के पट बंद दो जाते हैं। ग्रहण में न तो खाना पकाया जाता है और न ही खाना खाया जाता है। ग्रहण के दौरान मंत्रों का जाप और ग्रहण के बाद गंगाजल से स्नान और दान किया जाता है। ग्रहण की समाप्ति होने पर पूरे घर में गंगाजल से छिड़काव किया जाता है।
क्या न करें
*ग्रहण काल में मांस मदिरा आदि का सेवन नहीं करना चाहिए |
*किसी से व्यर्थ बोलचाल में झगड़ा आदि मोल ना लें |
*ग्रहण के दौरान कभी भी कोई शुभ काम या देवी-देवताओं की पूजा नहीं करनी चाहिए।
*ग्रहण के दौरान न ही भोजन पकाना चाहिए और न ही कुछ खाना-पीना चाहिए।
*ग्रहण के दौरान गर्भवती महिलाओं का ग्रहण नहीं देखना चाहिए और न ही घर से बाहर जाना चाहिए।
ग्रहण के दौरान तुलसी समेत अन्य पेड़-पौधों नहीं छूना चाहिए।
क्या करें
ग्रहण शुरू होने से पहले यानी सूतक काल प्रभावी होने पर पहले से ही खाने-पीने की चीजों में पहले से तोड़े गए तुलसी के पत्ते को डालकर रखना चाहिए।
ग्रहण के दौरान अपने इष्ट देवी-देवताओं के नाम का स्मरण करना चाहिए।
ग्रहण काल का समय और सूतक विचार
* शास्त्रों के अनुसार सूर्य ग्रहण के दिन सूर्य उदय होने पर से ही सूतक विचार कर लिया जाता है और सूर्यास्त के पश्चात ही समाप्त होता है | फिर भी ग्रहण काल का मुख्य समय दोपहर 2:29 से शाम 6:32 तक रहेगा |
मंदिर के पट इस दौरान बंद रखे जाते हैं |
* ग्रहण दोष तुला राशि पर लगने जा रहा है, तुला राशि पर सूर्य चंद्रमा शुक्र और केतु चार ग्रह उपस्थित रहेंगे | ग्रहण दोष को कम करने के लिए देवी देवताओं के मंत्र उच्चारण आप कर सकते हैं, गेहूं, गुड ,साबुत अनाज और दाल वगैरह का दान कर सकते हैं | आप सभी का समय शुभ और मंगलमय रहे धन्यवाद |

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