Doaba Dastak News
मोदी सरनेम को दिए बयान को लेकर राहुल गांधी एसे घिरे की लोकसभा सदस्यता के बाद शनिवार को बंगला भी हाथ से जाता रहा। सदस्यता खोए जाने के बाद नियमानुसार उनको बंगला खाली करना था जिस प्रक्रिया को उन्होंने आज पूरा कर दिया। इस माैके पर उनके साथ मां सोनिया गांधी और बहन प्रियंका गांधी भी साथ थीं। राहुल गांधी ने सामान उठवाकर ट्रक में भिजवाया और उसके बाद चाबियां वहां के स्टाफ को साैंप दीं। बंगला छोड़ने वक्त उन्होंने स्टाफ को सैल्यूट भी किया। सामान पैकिंग से पहले एक बार परिवार ने अच्छी से बंगला निहारा और यहां की यादें ताजा कीं। शनिवार को तुगलक रोड लेन स्थित अपने सरकारी बंगले की चाबी लोकसभा सचिवालय को सौंप दी। राहुल ने बंगले के दरवाजा खुद लॉक किया, लोकसभा के स्टाफ को चाबी दी, हाथ मिलाया और मां और बहन प्रियंका के साथ सोनिया गांधी के सरकारी आवास के लिए निकल गए। वे अब यहीं पर रहेंगे।
बंगला छोड़ने के बाद राहुल गांधी ने कहा कि मैं सच बोलने के लिए कोई भी कीमत चुकाने को तैयार हूं। मैंने सच बोलने की कीमत चुकाई है। अमेठी से 2004 में सांसद चुने जाने के बाद 2005 में उन्हें यह बंगला मिला था। हिंदुस्तान की जनता ने 19 साल के लिए मुझे ये घर दिया। मैं उनको धन्यवाद देना चाहता हूं। प्रियंका गांधी ने कहा कि मेरे भाई ने जो भी कहा, वह एकदम सच है। उन्होंने सरकार की सच्चाई बताई, इसलिए उनके साथ ये सब हो रहा है। लेकिन वे बहुत हिम्मत वाले हैं, डरते नहीं है। हम नहीं डरेंगे और अपना संघर्ष जारी रखेंगे।
तस्वीरों में देखेें हाथ से जाता बंगला












