यू.के. से बड़ी खबर सामने आ रही है। यहां भारतीय हाई कमीशन में 19 मार्च की हिंसा के मुख्य साजिशकर्त्ता और आतंकवादी संगठन खालिस्तान लिबरेशन फोर्स (के.एल.एफ.) के प्रमुख अवतार सिंह खंडा की आज बर्मिंघम के सैंडवेल अस्पताल में मौत हो गई।
खंडा अमृतपाल का करीबी बताया जा रहा है, और इसी ने ही अमृतपाल को 37 दिनों तक छिपने में मदद की थी। खंडा को रणजोध सिंह के नाम से भी जाना जाता है, जो यू.के में एक राजनीतिक शरण चाहता था और तथाकथित खालिस्तान के लिए सिख नौजवानों को कट्टरपंथी बनाने में अहम भूमिका निभा रहा था। उसका पिता एक KLF आतंकी था जिसे 1991 में सुरक्षा बलों द्वारा मार दिया गया था।
शुरुआती जांच में पता चला है कि खंडा को यू.के. में संदिग्ध हात में जहर दिया गया है।हालांकि मेडिकल रिपोर्ट आने पर ही मौत के कारणों का पता लग सकेगा
सूत्रों से पता चला है अवतार सिंह खंडा अमृतपाल का गॉडफादर रहा है। अमृतपाल ने पंजाब आने से पहले अवतार सिंह खंडा से मुलाकात की थी। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि खंडा आईडी और दूसरे तरह के हथियार चलाने में माहिर है। उसने भारत लौटने से पहले अमृतपाल को ‘मिशन खालिस्तान’ के तहत ट्रेनिंग दी है। खंडा के जरिए ही अमृतपाल मोस्ट वांटेड परमजीत सिंह पम्मा के संपर्क में आया था।







