सत्ता का सपना संजो रही कांग्रेस में गुटबाजी जारी है। पार्टी के नए प्रभारी दीपक बाबरिया की पहली बैठक में ही हुड्डा व सैलजा समर्थकों ने नारेबाजी की। शनिवार को चंडीगढ़ स्थित पार्टी मुख्यालय में प्रभारी के सामने मंच से जब पूर्व केंद्रीय मंत्री कुमारी सैलजा ने संबोधन शुरू किया तो एक कार्यकर्ता ने ‘अबकी बार हुड्डा सरकार’ का नारा लगा दिया। इस पर सैलजा ने कहा, ‘प्रभारी जी देख लीजिए।’ इस बीच हुड्डा ने मोर्चा संभाला और कुमारी सैलजा के समर्थन में नारे लगवाए। इसके बाद सैलजा मंच छोड़कर चली गईं।
पत्रकारों से बातचीत में सैलजा ने कहा कि वे अनुमति लेकर आई हैं। नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि यदि अब लोकसभा के चुनाव हो जाएं तो कांग्रेस सीधे तौर पर पांच से सात सीट जीतने की स्थिति में है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस वादे पूरे करने के लिए जानी जाती है, पार्टी की तरफ से जो घोषणाएं की जा रही हैं उन्हें पूरा किया जाएगा। किरण चौधरी ने कहा कि कांग्रेस किसी की बपौती नहीं है। सभी को लेकर साथ चलेंगे तो सत्ता हासिल करेंगे। कौन सीएम बनेगा और कौन नहीं बनेगा यह बाद की बात है। सैलजा ने कहा कि 2005 के बाद पार्टी लगातार कमजोर होती जा रही है।
हरियाणा कांग्रेस का संगठन नौ साल से नहीं है। अब इसे जल्द ही बनाया जाएगा। पार्टी की शनिवार को चंडीगढ़ में हुई बैठक में यह तय हुआ है कि जल्द संगठन बनाया जाएगा। यदि रायपुर अधिवेशन के अनुसार आरक्षण दिया जाता है तो संगठन बनाने में कुछ समय लग सकता है। हालांकि अभी पार्टी के नेता बैठकर तय करेंगे कि आरक्षण दिया जाता है या फिर पहले से जो सूची पार्टी हाईकमान के पास हैं, उनके नामों को ही फाइनल किया जाए या नहीं। चाहे कुछ भी हो अब कांग्रेस पार्टी इसे तेजी से पूरा करेगी। पार्टी के प्रभारी दीपक बाबरिया का कहना है कि संगठन में पद देने की औपचारिकता जल्द पूरी कर ली जाएगी। अब पार्टी के संगठन में आधा हिस्सा 50 साल से नीचे और आधा 50 साल से अधिक आयु वर्ग वालों को दिया जा सकता है। महिलाओं को भी संगठन में पूरा स्थान दिया जा सकता है। कांग्रेस अब चुनावी मोड में काम करेगी। प्रभारी ने पूर्व सीएम हुड्डा और प्रदेश अध्यक्ष चौ. उदयभान की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने प्रदेश में संगठन को जीवंत और कार्यकर्ताओं को पार्टी से जोड़ के रखा है।
प्रभारी बाबरिया ने कहा कि टिकट हाईकमान तय करेगा। जबकि सीएम कौन होगा, यह भी हाईकमान द्वारा तय किया जाएगा। संगठन जल्द बनाया जाएगा। पार्टी नेतृत्व को पता है कि किस नेता में कितनी क्षमता है।







