पंजाब रोडवेज एवं पेप्सू रोड ट्रांसपोर्ट कारपोरेशन (पीआरटीसी) के अनुबंधित (कांट्रेक्ट) कर्मचारी अपनी मांगों को लंबे समय से संघर्ष कर रहे हैं। सरकार ने अभी तक उन्हें नजरअंदाज ही किया है। अनुबंधित कर्मचारियों को समय पर वेतन भी नहीं मिल पा रहा है। हालात ऐसे पैदा हो रहे हैं कि अगर सरकार ने कर्मचारियों को संतुष्ट न किया तो रक्षाबंधन और स्वतंत्रता दिवस के मौके पर यात्रियों को बस सेवा मिलने का संकट पैदा हो सकता है।
कर्मचारियों के रोष की मुख्य वजह समय पर वेतन अदायगी न करना, अनुबंध (कांट्रेक्ट) पर काम कर रहे कर्मचारियों को रेगुलर करने के बजाए आउटसोर्सिंग के आधार पर नई भर्ती की प्रक्रिया शुरू करना और पंजाब रोडवेज एवं पीआरटीसी में किलोमीटर स्कीम से आधार पर बसें शामिल करना है।
कर्मचारी बोले- बिना धरना प्रदर्शन जारी नहीं होता वेतन
पंजाब रोडवेज, पनबस और पीआरटीसी कांट्रेक्ट वर्कर्स यूनियन के जालंधर इकाई के अध्यक्ष गुरप्रीत सिंह एवं कोषाध्यक्ष बिक्रमजीत सिंह ने कहा कि सरकार और परिवहन विभाग की अफसरशाही तो यूनियन से बात तक करने के लिए तैयार नहीं है। जब तक यूनियन धरना प्रदर्शन और चक्काजाम नहीं करती है, तब तक उन्हें हर महीने वेतन तक नहीं दिया जाता है। कर्मचारी अपने परिवार का पेट भरने में असमर्थ हैं जबकि उनसे 16 घंटे तक की ड्यूटी ली जा रही है।







